Ek sham, humare naam

बस ऐसी एक शाम चाहिए,साथ बैठें हों हम और हाथों में जाम चाहिए,उस वक्त के हर पल पर हमारा नाम चाहिए,बाहों में तुम्हारी बेइंतहा आराम चाहिए,वफ़ा का तुमसे अब इतना ही इनाम चाहिए,बस ऐसी एक शाम चाहिए….।। By: Ravisha Taneja

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